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काम और हक़

नियोक्ता की सुपरएनुएशन ज़िम्मेदारी क्या है

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Photo: Breaking of fast with Chai (8034852874) by Sam Litvin (CC BY 2.0), via Openverse

ऑस्ट्रेलिया में अधिकतर कर्मचारियों के लिए नियोक्ता को उनके सामान्य वेतन के ऊपर एक तय प्रतिशत राशि सुपरएनुएशन फंड में जमा करनी होती है। यह ज़िम्मेदारी कानून के तहत आती है और इसका भुगतान न करना नियोक्ता के लिए गंभीर परिणाम ला सकता है।

यह योगदान कर्मचारी के वेतन से नहीं काटा जाता, बल्कि यह अतिरिक्त राशि होती है जो सीधे रिटायरमेंट बचत में जाती है। कैज़ुअल और पार्ट टाइम कर्मचारी भी आमतौर पर इस सुविधा के हक़दार होते हैं, बशर्ते वे तय शर्तें पूरी करें।

अपने सुपर स्टेटमेंट की नियमित जांच करना यह सुनिश्चित करने का सबसे आसान तरीका है कि नियोक्ता सही समय पर सही राशि जमा कर रहा है। किसी विसंगति की स्थिति में इसकी शिकायत संबंधित कर प्राधिकरण से की जा सकती है।

सुपर फंड से जुड़ा हर लेनदेन आमतौर पर फंड की ऑनलाइन प्रणाली में तुरंत दिखता है, इसलिए हर तीन महीने में एक बार इसकी जांच करना एक अच्छी आदत है। नई नौकरी शुरू करते समय अपने मौजूदा सुपर फंड की जानकारी नियोक्ता को समय पर देना, योगदान में देरी से बचाता है।

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