Khabar

Do minute mein aaj ki khabar. Published in Hindi.
210articles
0sources cited
2photographs
पढ़ाई

स्कूलों में होमवर्क की संस्कृति कैसी होती है

Launch library · evergreen read

Photo: Chai cups (Hot Milk Tea) 03 by Dev Jadiya (CC0), via Openverse

ऑस्ट्रेलिया के स्कूलों में होमवर्क की मात्रा और प्रकार उम्र के अनुसार अलग अलग होती है, और प्राइमरी स्कूल में यह आमतौर पर हल्का और पढ़ने पर केंद्रित होता है। सेकेंडरी स्कूल में जाकर धीरे धीरे इसकी मात्रा और जटिलता बढ़ती जाती है।

कई स्कूल होमवर्क को केवल दोहराव के बजाय स्वतंत्र सोच और शोध कौशल विकसित करने के साधन के रूप में देखते हैं। कुछ स्कूल यह भी मानते हैं कि खेल और आराम का समय भी सीखने जितना ही महत्वपूर्ण है, इसलिए संतुलन पर ज़ोर दिया जाता है।

माता पिता के लिए बच्चे को एक शांत और नियमित अध्ययन स्थान उपलब्ध कराना, और ज़रूरत पड़ने पर सहायता देना, उपयोगी भूमिका है, लेकिन पूरी तरह काम कर देना अनुशंसित नहीं है। यह संतुलन बच्चे में आत्मनिर्भरता विकसित करने में मदद करता है।

हर दिन एक तय समय पर होमवर्क करने की दिनचर्या बनाना, बच्चे को समय प्रबंधन का कौशल स्वाभाविक रूप से सिखाता है। अगर होमवर्क को लेकर बच्चा लगातार संघर्ष करता दिखे, तो शिक्षक से बात करना, अंतर्निहित कारण समझने में मददगार साबित हो सकता है।

Back to the library

Share

Sharing opens the network in a new tab. No tracking scripts are loaded on this page.

Printed from Khabar. Sources for this article are listed at the end of the page.