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समझिए ऑस्ट्रेलिया

वरीयता मतदान प्रणाली (preferential voting) कैसे काम करती है

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Photo: Breaking of fast with Chai (8034852874) by Sam Litvin (CC BY 2.0), via Openverse

ऑस्ट्रेलिया में मतदाता उम्मीदवारों को केवल एक ही चुनने के बजाय अपनी पसंद के क्रम में वरीयता देते हैं, यानी पहली पसंद से लेकर आखिरी पसंद तक हर उम्मीदवार को नंबर दिया जाता है। इसे वरीयता मतदान प्रणाली कहा जाता है।

मतगणना के दौरान यदि किसी उम्मीदवार को पहली वरीयता में पूर्ण बहुमत नहीं मिलता, तो सबसे कम वोट पाने वाले उम्मीदवार को हटाकर उसके मतों की अगली वरीयता संबंधित उम्मीदवारों में बाँट दी जाती है। यह प्रक्रिया तब तक चलती है जब तक किसी एक को बहुमत न मिल जाए।

यह प्रणाली मतदाताओं को अपनी वास्तविक पसंद व्यक्त करने की अधिक स्वतंत्रता देती है, बिना यह डर कि उनका वोट व्यर्थ जाएगा। नए मतदाताओं के लिए मतपत्र पर हर उम्मीदवार को क्रम से भरना समझना शुरुआत में थोड़ा अलग लग सकता है, लेकिन अभ्यास से सरल हो जाता है।

मतदान केंद्र पर मौजूद कर्मचारी मतपत्र भरने के तरीके में मार्गदर्शन देने के लिए उपलब्ध रहते हैं, इसलिए किसी भी संदेह की स्थिति में मदद माँगना पूरी तरह सामान्य है। पहली बार मतदान करने वालों के लिए चुनाव से पहले नमूना मतपत्र देखना, इस प्रक्रिया को समझने में सहायक हो सकता है।

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