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स्कूल आकलन प्रणाली की सामान्य समझ (जैसे NAPLAN)

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Photo: Chai cups (Hot Milk Tea) 02 by Dev Jadiya (CC0), via Openverse

ऑस्ट्रेलिया के स्कूलों में छात्रों की प्रगति मापने के लिए कक्षा आधारित मूल्यांकन के साथ साथ कुछ राष्ट्रीय स्तर के आकलन भी होते हैं, जैसे NAPLAN जैसी प्रणाली। इसका उद्देश्य साक्षरता और गणित जैसे बुनियादी कौशलों में छात्रों की प्रगति को समय के साथ समझना है।

यह आकलन आमतौर पर तय कक्षाओं में साल में एक बार होता है और इसके नतीजे स्कूल तथा राष्ट्रीय स्तर पर समग्र रुझान समझने में मदद करते हैं। यह किसी परीक्षा की तरह पास या फेल का पैमाना नहीं, बल्कि विकास ट्रैक करने का साधन है।

माता पिता को नतीजे आमतौर पर एक रिपोर्ट के रूप में मिलते हैं, जो यह दर्शाती है कि बच्चा किन क्षेत्रों में मज़बूत है और कहाँ अतिरिक्त सहायता उपयोगी हो सकती है। इसे तनाव के बजाय एक उपयोगी जानकारी के रूप में देखना ज़्यादा मददगार रहता है।

बच्चे के साथ इस आकलन के बारे में हल्के और सकारात्मक तरीके से बात करना, अनावश्यक चिंता को कम करता है और उसे स्वाभाविक रूप से अपने सामान्य प्रदर्शन के साथ इसमें शामिल होने देता है। नतीजों पर चर्चा के लिए शिक्षक से मिलना, अगले कदमों को समझने में मददगार साबित होता है।

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