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तथ्य-जाँच की समझ

सर्वेक्षण और पोल को सही तरीके से समझना

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Photo: HK WC Wan Chai Southorn Garden shop 麥當勞 McDonald's iced milk tea plastic cup April 2021 SS2 01 by Maodcxk Tao WHEUO (CC BY-SA 4.0), via Openverse

समाचार में अक्सर सर्वेक्षण और पोल के नतीजे प्रस्तुत किए जाते हैं, लेकिन इनकी विश्वसनीयता नमूने के आकार, चयन विधि और सवाल पूछने के तरीके पर बहुत हद तक निर्भर करती है। एक छोटा या पक्षपाती नमूना पूरी जनसंख्या की सही तस्वीर नहीं दे सकता।

यह देखना उपयोगी है कि सर्वेक्षण किसने कराया, कितने लोगों से पूछा गया और सवाल किस तरह से बनाए गए थे, क्योंकि यह सभी कारक नतीजों को प्रभावित कर सकते हैं। पारदर्शी सर्वेक्षण अपनी पद्धति स्पष्ट रूप से साझा करते हैं।

किसी पोल के नतीजे को अंतिम सत्य मानने के बजाय उसे एक संकेतक के रूप में देखना अधिक उचित है। यह समझ पाठकों को समाचार में दिए गए आँकड़ों को अधिक आलोचनात्मक और संतुलित नज़रिए से पढ़ने में मदद करती है।

ऑनलाइन स्वैच्छिक पोल, जहाँ कोई भी बिना नियंत्रण के भाग ले सकता है, वैज्ञानिक रूप से डिज़ाइन किए गए सर्वेक्षणों जितने विश्वसनीय नहीं माने जाते, यह अंतर समझना ज़रूरी है। किसी भी बड़े नीतिगत निर्णय से जुड़े सर्वेक्षण की पद्धति को समझने के लिए मूल रिपोर्ट पढ़ना अधिक सटीक जानकारी देता है।

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